मोदी हर बार रहे असफल, मोदी के इस 1 फैसले से देश को हुए ये बड़े नुकसान

By:- Viral in India Team on

बर्तमान सरकार ने अभी तक जो भी बड़े बड़े फैसले देशव्यापी स्तर पर लिए हैं वो सब के सब असफल ही नहीं बल्कि घोर असफल निकले हैं ! अब अगर हम नोट्बंदी की ही बात करें और एक बार को अगर इसकी वजह से हुई तमाम मौतों को भी दरकिनार कर दें तब भी तस्वीर बड़ी ही भयानक ही लगती है !

इस फैसले में बड़े पैमाने पर देश को नुकसान देते हुए प्रभावित किया है !

इस फैसले ने जनता की जेब और जॉब दोनों पर डांका डाला है और इस फैसले से होने वाले जो भी अनुमानित नुकसान कांग्रेस और रिज़र्व बैंक ने लगाये थे वो सब उससे भी ज्यादा बड़े नुकसान साबित हुए ! आइये आंकलन करते हैं उस नुकसान का !

उपभोक्ता कर्ज के बोझ तले दब गये

जब नोट्बंदी हुई तो उस समय बाज़ार से कैश गायब हो गया जिसकी वजह से उपभोक्ता कॅश के लिए परेशान हुए पर अपनी जरूरत पूरी करने के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ा और वो इस कर्ज से परेशान हैं ! अगर इस कर्ज की बात हम रिज़र्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार करें तो उपभोक्ताओ पर कर्ज 3.1 फीसदी से बढ़कर 3.7 हो गया है !

नोट्बंदी 15 लाख लोगों का रोजगार खा गयी

इसी महीने में कांग्रेस की तरफ से वित्त मंत्री अरुण जेटली को एक पत्र लिखा गया था जिसमे इस बात का जिक्र था कि सिर्फ डेढ़ साल में 1.6 करोड़ भारतीयों की नौकरी गयी है ! CMIE के अनुसार नोट्बंदी की वजह से सीधे तौर पर 15 लाख लोग बेरोजगार हुए हैं !

नोट छापने का खर्च बढ़ गया

नोट छापने में जो लागत आती है वो नोट्बंदी की वजह से सीधे सीधे 131 प्रतिशत बढ़ गयी जो अनुमान से बहुत ही ज्यादा है ! नए नोट में रिज़र्व बैंक को 7965 करोड़ खर्च करने पड़े जबकि इससे पहले इसी काम में 3421 करोड़ रूपए की लागत आई थी !

जाहिर तौर पर बात इतनी है कि इस सरकार के पास न तो सरकार चलाने का अनुभव और न ही सामर्थ और ये सरकार अपनी तानाशाही से देश को एक गहरे गड्ढे में ले जा रही है जहाँ से लौटने में देश को बहुत लम्बी यात्रा करनी होगी !

Source- https://money.bhaskar.com/news/MON-PERS-FINP-this-one-decision-of-modi-government-resulted-in-5-losses-5683824-NOR.html?ref=fpaid

--- ये खबर वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गयी है वायरल इन इंडिया न्यूज़ पोर्टल के लिए

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