अटलजी की भतीजी ने किये बड़े खुलासे, किया अन्ना हजारे और रामदेव को बेनकाब

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी कस्र्णा शुक्ला ने हाल ही में भाजपा के सत्ता में आने के पीछे की सच्चाई को उजागर किया है और यह बताने की कोशिश की है की कैसे बीजेपी बाबा रामदेव, श्रीश्री रविशंकर प्रसाद के बल से देश को चलाने वाली कुर्सी में बैठे है | करुणा ने अन्ना हजारे पर भी हमला बोलते हुए उनके दोगले चेहरे को बेनकाब किया |

करुणा शुक्ला का कहना है की सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे, बाबा रामदेव और श्रीश्री रविशंकर भाजपा और संघ के एजेंट है | करुणा शुक्ला की बात हाल ही में तब सच साबित हुई थी जब जापान के प्रधानमन्त्री भारत आये थे और मोदी ने उनके साथ रोड शो किया था | उस समय रोड शो में भीड़ न जुटने के कारण बीजेपी को रामदेव और रविशंकर के समर्थको की सहायता लेनी पड़ी थी |

चुनाव में जीत न मिल पाने के डर से बीजेपी अब अण्णा हजारे, श्रीश्री रविशंकर और बाबा रामदेव का इस्तेमाल करेगी

गुरुवार को यहां कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में कस्र्णा ने कहा कि देश के जिन राज्यों में भाजपा सरकार की स्थिति खराब है और भाजपा को लग रहा है कि भावी किसी चुनाव में जीत नहीं मिल पाएगी, उन राज्यों में अण्णा हजारे, श्रीश्री रविशंकर और बाबा रामदेव को भेजा जा रहा है।

करुणा ने आरोप लगाया कि गांधी टोपी पहनकर गांधी के हत्यारों का साथ देने वाले अण्णा हजारे आत्म मूल्यांकन नहीं करते। वे भ्रष्टाचार के खिलाफ तब आंदोलन करते हैं, जब यूपीए की सरकार हो, लेकिन जब भाजपा सरकार की बारी आती है, तो उपदेश देने लगते हैं। कहते हैं कि जनता खुद आंदोलन करे।

“लोकपाल बिल का आंदोलन यूपीए सरकार को हटाने का उपक्रम था”

करुणा ने कहा कि लोकपाल बिल का आंदोलन यूपीए सरकार को हटाने का उपक्रम था। जब आंदोलन चल रहा था, तभी दिग्विजय सिंह ने कहा था कि यह आरएसएस का षडयंत्र है। लेकिन तब किसी ने इसे माना नहीं था।

बाद में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने स्वीकार किया था कि अण्णा और बाबा रामदेव के आंदोलन को आरएसएस का समर्थन था और धरना स्थल पर बड़ी संख्या में आरएसएस के लोग उपस्थित होते थे।

दिग्विजय सिंह ने कहा था कि बाबा रामदेव संघ के प्लान ए हैं। अण्णा हजारे प्लान बी और श्रीश्री रविशंकर प्लान सी हैं। कस्र्णा ने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा। कहा कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी भी उन्हीं राज्यों में चुनाव मैदान में उतरती है, जहां भाजपा की स्थिति कमजोर है। ये लोग एक तरीके से भाजपा को ही फायदा पहुंचाने का काम करते हैं।

अन्ना हजारे के भाजपा के एजेंट होने के सबूत

कस्र्णा ने कहा कि विवेकानंद फाउंडेशन आरएसएस के विवेकानंद केंद्र द्वारा गठित संस्था है। इसमें आरएसएस के कई बड़े पदाकिारी सक्रिय सदस्य हैं। वर्ष 2011 में विवेकानंद फाउंडेशन ने दिल्ली में एक सेमीनार का आयोजन किया था।

इसमें टीम अण्णा यानी अण्णा हजारे, अरविंद केजरीवाल और किरण बेदी शामिल थीं। बाबा रामदेव को आरएसएस ने इसलिए साथ रखा क्योंकि उनकी पार्टी बनाने की योजना थी। इसके अलावा इसमें आरएसएस के पूर्व प्रचारक गोविंदाचार्य, एस गुरुमूर्ति, भीष्म अग्निहोत्री और वेद प्रताप वैदिक उपस्थित थे।

कस्र्णा ने बताया कि कालेन पर भाजपा के थिंक टैंक और अजीत डोभाल की ओर से एक दस्तावेज रखा गया, जिसमें वो आंकड़े दिए गए जिसका जिक्र बाबा रामदेव करते रहे। यहीं यूपीए सरकार के खिलाफ आंदोलन खड़ा करने का षडयंत्र रचा गया, जिसमें भाजपा और आरएसएस की कोई प्रत्यक्ष भूमिका न हो।

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