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जिस वक़्त उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव सर पर थे न जाने कितने मंत्री, समजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी और अन्य छोटी पार्टियों को छोड़ कर बीजेपी का दामन थाम रहे थे जिनमे बीएसपी के कद्दावर नेता रहे स्वामी प्रसाद मौर्य और पूर्व सांसद ब्रजेश पाठक, कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी शामिल है |

मगर इस दौरान जब बीजेपी ने दूसरी पार्टी से आये नेताओ को धोका दिया तो उन्होंने केशव प्रसाद मौर्य का विरोध किया |

मौर्य ने न्यूज एजेंसी भाषा को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘दूसरे दलोें से जो आए हैं, उन्हें टिकट देने का आश्वासन देकर नहीं लाया गया है। वे बीजेपी के सिद्धांतों और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यों से प्रभावित होकर आए हैं।’  उन्होंने कहा, ‘जो जीतने लायक होंगे, उनके नाम पर जरूर विचार किया जाएगा लेकिन जो आए हैं, उन्हें टिकट मिल जाएगा, ऐसी बात नहीं है।’

बीजेपी के कमजोर नब्ज़ पर क्या बोले मौर्य

बीजेपी का कमजोर पक्ष क्या है, इस सवाल पर मौर्य ने कहा, ‘वीक पॉइंट हम ये मानते हैं कि बीजेपी कार्यकर्तावादी पार्टी है। कार्यकर्ताओं को बहुत अपेक्षाएं हैं। चूंकि हमारे यहां सच्चा लोकतंत्र है इसलिए यहां विधायक का बेटा विधायक या सांसद का बेटा सांसद बनने की नहीं सोच सकता। बीजेपी का कोई भी कार्यकर्ता किसी भी पद पर पहुंचने की अपेक्षा करता है।’

मौर्य आगे कहते है , ‘विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बड़ी संख्या में आवेदन हैं। लेकिन मैं यह मानता हूं कि बीजेपी का अनुशासित कार्यकर्ता … जिस दिन निर्णय हो जाएगा, उस निर्णय का समर्थन करेगा।’

मौर्य ने कहा कि इस समय अन्य दलों में काफी भगदड़ भी है। बडी संख्या में नए लोग आए हैं। ‘लेकिन ये हमारी कमजोरी नहीं बल्कि ताकत है। मैं कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि बीजेपी अपने मूल कार्यकर्ता के सम्मान की रक्षा हर कीमत पर करेगी।’

विडियो क्या कहती है..?

विडियो में साफ़ साफ़ नज़र आ रहा है की बीजेपी ने पहले टिकेट देने का आश्वासन दिया मगर बाद में अपने वादे से मुकर गयी जिसके नतीजे स्वरूप नेताओ ने विरोध ज़ारी किया | देखे विडियो

देखिये वीडियो:-

--- ये खबर वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गयी है वायरल इन इंडिया न्यूज़ पोर्टल के लिए

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