ABP न्यूज़ पत्रकार का दावा: अगर किया ये काम तोह एक तरफ़ा जीत जाएगी कांग्रेस मध्य प्रदेश चुनाव

कमल नही कमलनाथ चाहिए ये आवाज़ इन दिनों मध्यप्रदेश से आ रही है | फेसबुक में एक विडियो वायरल हो रहा है जो की एबीपी न्यूज़ के पत्रकार अभिसार शर्मा का है जिसमे उन्होंने कहाँ की यदि दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ साथ मिल जाये तो मध्यप्रदेश में कांग्रेस की जीत पक्की है |

अभिसार एक वरिष्ठ पत्रकार है, वे आगे कहते है ‘कामनाथ ने एक इंटरव्यू में कहा है की वे ज्योतिरादित्य को अपना नेता मानने को तैयार है |

लेकिन हमारे सूत्रों के मुताबिक ज्योतिरादित्य को दिल्ली शिफ्ट कर दिया जाएगा और कमलनाथ मुख्य चेहरा होंगे मध्यप्रदेश का | लेकिन दिग्विजय सिंह का उन्हें सपोर्ट करना भी ज़रूरी है|’ विडियो को क्लिक करे!

देखिये वीडियो:-

अभिसार शर्मा ने यहा तीन बिन्दुओ पर बात की है पहला है कमलनाथ जो आने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में मुख्य चेहरा होंगे, दूसरा ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह|

कांग्रेस में लम्बे अरसे से केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं कमलनाथ के बीच खींचतान चल रही है जैसा की अभिसार शर्मा भी विडियो में कहते नज़र आये की सिंधिया को पूरी तरह से दिल्ली शिफ्ट कर दिया जायेगा और कमलनाथ भी उन्हें अपना नेता स्वीकारने के लिए तैयार है |

किसान आन्दोलन और कमलनाथ समेत इन दो धुरन्धरो ने उड़ा दी है शिवराज सिंह चौहान की नींद

किसान आंदोलन और सिंधिया व कमलनाथ के सक्रिय हो जाने के बाद कांग्रेस के वो प्रत्याशी भी एक्टिव हो गए हैं जो 2013 के चुनाव में 5000 से कम वोटों से हारे थे। फिलहाल कांग्रेस के पास 56 विधायक हैं परंतु जिस तरह से दिग्विजय सिंह, सिंधिया और कमलनाथ एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस उन 60 सीटों पर मजबूत होती जा रही है जहां वो 5000 से कम वोटों से हारे थे। ऐसे में यदि मौजूदा कांग्रेसी विधायकों के साथ अतिरिक्त 60 विधायक जीतकर आ जाते हैं तो कांग्रेस सरकार बनाने की स्थिति मेें आ जाएगी।

संघ का गोपनीय सर्वे ने उडाई शिवराज सिंह चौहान की नींद कहा आज वोट हुए तो 96 पर सिमट जायेगी भाजपा

हाल ही में शिवराज सिंह चौहान ने कुछ गोपनीय मीटिंग्स की थी अपने गिने चुने मंत्रियों के साथ और इसकी जानकारी कार्यकर्ताओं तक नही पहुचने दी थी क्योंकि इससे उनके कार्यकर्ताओ का मनोबल गिरता |

मीटिंग की वजह थी संघ का चौका देने वाला सर्वे जिसमे सामने आया है की यदि आज वोटिंग हुई तो भाजपा 96 सीटो पर सिमट कर रह जाएगी | जबकि सरकार बनाने के लिए मध्यप्रदेश में कम से कम 116 विधायक चाहिए | यही दवाब है जो उन्हें सरकारी मशीनरी और सरकारी खजाने को चुनावी तैयारियों में झोंकने के लिए बाध्य कर रहा है।

अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट मैं छोड़े

पोपुलर खबरें