शेयर करें
  • 9.4K
    Shares

वैसे तो केंद्र की पूरी नरेंद्र मोदी सरकार ही देश में अलोकप्रिय है लेकिन इस सरकार के किसी मंत्री को सर्वाधिक नापसंद किया जाता है तो वो हैं वित्त मंत्री अरुण जेटली.

अरुण जेटली के उटपटांग फैसलों की वजह से विपक्ष तो विपक्ष, भाजपा समर्थक भी पसंद नहीं करते.

अभी देश के 05 राज्यों में भाजपा की शर्मनाक हार हुई तो भी भाजपा समर्थकों ने ठीकरा जेटली पर ही फोड़ा और जेटली के विरुद्ध सोशल मीडिया पर खूब अनाप शनाप टिप्पणी की.

2014 में जब देश भर में नरेंद्र मोदी की लहर चल रही थी तब अमृतसर की जनता ने जेटली का बैंड बजाते हुए इसे बुरी तरह से पराजित कर दिया था लेकिन न जाने इनके अंदर मोदी ने कौन सी खूबी देखी कि एक वकील को वित्त मंत्रालय जैसा अहम दायित्व दे दिया.

जेटली ने भी अपनी चुनावी हार का खूब बदला जनता से चुकाया और मोदी के इन पांच सालों की सरकार में ऐसे ऐेसे अनाप शनाप किए कि जनता मोदी सरकार से घृणा करने लगी.

बुलेट ट्रेन के उपर पूछ दिया सवाल

नई दिल्ली के ज्ञान भवन में केंद्र सरकार की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित था. कार्यक्रम के अंतिम चरण में संवाददाता सम्मेलन बुलाया गया था, जिसमें सरकार की ओर से प्रवक्ता बनकर अरुण जेटली बैठे थें. इसी दौरान किसी शख्स ने पूछ दिया कि जेटली जी जरा ये बताएं कि बुलेट ट्रेन को हिंदी में क्या कहते हैं ?

भड़क उठे जेटली

उक्त व्यक्ति के सवाल पर जेटली जवाब देने की बजाय भड़क उठें. जेटली ने कहा कि मैं आपको काफी देर से नोटिस कर रहा हूं, कृप्या कर आप थोड़ा सीरियस हो जाए. प्रतिक्रिया में उस इंसान ने कहा कि जेटली जी, मैं आपकी तरह मजाक नहीं करता, ये बेहद गंभीर प्रश्न है कि बुलेट ट्रेन को हमारी राष्ट्रभाषा में क्या कहा जाए !

देखिये वीडियो:-

बुलेट ट्रेन का प्रोजेक्ट

भारत जैसे देश के लिए बुलेट ट्रेन जैसा प्रोजेक्ट बेतुके विचार से ज्यादा कुछ भी नहीं. पिछले दिनों जापान के पीएम शिंजो आबे और भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद के साबरमती स्टेडियम ग्राउंड में बुलेट ट्रेन प्रोजक्ट की नींव रखी थी.

इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 01 लाख 20 हजार करोड़ रुपये होगी यानी कि एक किलोमीटर ट्रैक निर्माण के लिए 263 करोड़ रुपये खर्च होंगे. 2022 तक पूरा होने वाले इस प्रोजेक्ट के बाद 508 किलोमीटर का सफर महज 03 घंटे में पूरा होगा.


शेयर करें
  • 9.4K
    Shares