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देश में इस  वक़्त तीन तलाक का मामला बड़े जोर से सरकार उठा रही है और खुद को मुस्लिम महिलाओ का हितैषी बता रही है लेकिन वहीँ सरकार और मोदी ये क्यों भूल जाते कि अगर आपको महिलाओ के हक की लड़ाई लड़नी है तो पहले प्रधानमंत्री मोदी की पत्नी को उनके अधिकार दिलाओ ताकि वो अपनी जिन्दगी अच्छे से जी सकें ! वो हर काम के लिए परेशां हैं !

जशोदाबेन ने लगायी आरटीआई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदा बेन ने अहमदाबाद के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) में एक आरटीआई आवेदन दायर कर मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए अपना पासपोर्ट हासिल करने के लिए जमा किए गए शादी से जुड़े दस्तावेजों का ब्योरा मांगा है।

पिछले साल कर दिया गया  था पासपोर्ट ख़ारिज

पिछले साल जशोदा बेन का पासपोर्ट संबंधी आवेदन इस आधार पर खारिज कर दिया गया था कि उन्होंने ऐसा कोई विवाह प्रमाणपत्र या कोई संयुक्त शपथपत्र पेश नहीं किया, जिससे साबित होता हो कि उनकी मोदी से शादी हुई है। इस पृष्ठभूमि में जशोदाबेन ने यह आरटीआई आवेदन डाला है।

क्या कहना है इस बारे में पासपोर्ट अधिकारी का

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी जेड. ए. खान ने कहा, ‘जशोदाबेन बुधवार को कार्यालय में आईं और अपने पासपोर्ट से संबंधित आरटीआई आवेदन दायर किया। हम समय पर उन्हें जवाब देंगे।’

जशोदाबेन के भाई अशोक मोदी के अनुसार जशोदाबेन ने शादी से संबंधित उन दस्तावेजों के बारे में जानने के लिए आरटीआई आवेदन डाला, जो मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के अपने कार्यकाल के दौरान अपने पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हुए जमा किए थे। खान ने कहा कि जरूरी दस्तावेज न होने के कारण पिछले साल नवंबर में जशोदाबेन का आवेदन खारिज कर दिया गया था।

इससे पहले भी लगा चुकीं है वो आरटीआई

जी हाँ इस से पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदाबेन ने सरकार की ओर से उन्हें दिए जा रहे सुरक्षा कवर का विवरण मांगते हुए एक आरटीआई आवेदन दायर किया था ! नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद से ही जशोदाबेन को चौबीसों घंटे सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।

गुजरात में मेहसाणा जिले के ऊंझा स्थित ब्राह्मणवाड़ा गांव में रह रही जसोदाबेन ने तीन पन्नों के अपने आवेदन में कहा, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी हूं और मैं जानना चाहती हूं कि प्रोटोकॉल के मुताबिक सुरक्षा कवर के अलावा मैं और कौन सी सुविधाओं की हकदार हूं।’

आरटीआई में की थी ये शिकायत

इसके साथ ही उन्होंने शिकायत की है, ‘मैं तो सार्वजनिक वाहन में सफर करती हूं, जबकि मेरे निजी सुरक्षाकर्मी सरकारी गाड़ियों में सफर करते हैं।

‘उनके आवेदन में कहा गया है, ‘पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सुरक्षाकर्मियों द्वारा ही उनकी हत्या किए जाने की घटना को ध्यान में रखते हुए, मैं सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी से कई बार भयभीत हो जाती हूं। इसलिए कृपया कर मेरी सुरक्षा में लगाए गए सुरक्षाकर्मियों की जानकारी मुझे मुहैया कराएं।’

--- ये खबर वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गयी है वायरल इन इंडिया न्यूज़ पोर्टल के लिए

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