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राजनीति करना और एक्टिंग करने में बहुत अंतर है, और जब किसी बड़ी पार्टी का कोई नेता हो तो उसे अपनी पार्टी का घमंड भी होता है. शायद आप मेरी दो लाइनों से ही समझ गये होंगे की बीजेपी की हेमा मालिनी जी के बारें में ही लिख रहा हूँ. हाल ही में इनका एक इंटरव्यू मुझे अभी तक परेशान कर रहा है की आखिर इतना नशा कैसे हो सकता है किसी को राजनीति का.

माना की आप बहुत बड़ी पार्टी के सांसद हो पर उसका यह मतलब नहीं की आप कुछ भी कह देंगे. हाल ही में हेमा मालिनी ने जो कहा वो आपको हैरान ही नहीं परेशान भी कर सकता है. यह बात तो साफ़ थी की बीजेपी में गुंडे शामिल है पर अब ऐसी अभिनेत्रियाँ भी गुंडागर्दी कर सकती है कभी सोचा भी नहीं था.

1.रिपोर्टर के सवाल का ऐसा जवाब दिया हेमा मालिनी ने

हाल ही में राजस्थान के बांसवाडा में हेमा मालिनी से रिपोर्टर ने पूछा की क्या आप यूपी की मुख्यमंत्री बनना चाहती हो ? वैसे आपको बता दूँ की यूपी में पहले से ही मुख्यमंत्री जी है जिनका नाम आप कैसे भूल सकते हो, अरे वही जो पक्के वाले हिन्दू बने घूमते है जी हाँ योगी आदित्यनाथ.

हेमा मालिनी ने कहा सवाल का जवाब देते हुए कहा की मैं जब चाहूँ यूपी की मुख्यमंत्री बन सकती हूँ. उन्होंने कहा की जब वो चाहे मुख्यमंत्री बन सकती है पर बनना नहीं चाहती है. मुझे समझ नहीं आ रहा है की बीजेपी के लिए मुख्यमंत्री बनना इतना आसान कैसे हैं ?

2.अपने क्षेत्र में काम करना अच्छा लगता है

हेमा मालिनी ने कहा की मैं मुख्यमंत्री बनना नहीं चाहती अगर बनना चाहती तो कबकी बन जाती. साथ में उन्होंने कहा की मैं अपने क्षेत्र में काम करना चाहती हूँ. मुझे अपने क्षेत्र में काम करना अच्छा लगता है.

अब इनके क्षेत्र की बात की जाए तो इन्हें अपने क्षेत्र तो कुछ शहरों के नाम भी नहीं पता है तो आप सोच सकते हो की विकास कैसा किया होगा. हेमा जी ने एक्टिंग तो बहुत की है और फिल्मों में गुंडई भी बहुत की है पर यहाँ कुछ ज्यादा ही हो गया.

3.मतलब आप जो चाहो वो कर लोगी ! कुछ भी

आज कल बीजेपी के नेताओं की बात सुनकर ऐसा लगता है की सत्ता इनके हाथ क्या आ गई यह तो अपने आप को कुछ और ही समझने लग गये हैं. मतलब इनके लिए यूपी या किसी भी क्षेत्र का मुख्यमंत्री बनना बहुत आसान है. मैं तो समझ ही नहीं पा रहा हूँ की कोई ऐसा कैसे बोल सकता है.

शायद इसे ही सत्ता का नशा बोला जाता है और हेमा जी को ही नहीं बीजेपी के बहुत से लीडर को सत्ता का नशा हो गया है. ऐसे में जनता यह भलीभांति समझ चुकी है की सत्ता का नशा कैसे उतारा जाता है.

निष्कर्ष: बीजेपी में गुंडे थे पर ऐसी गुंडई करने की हिम्मत तो उनमे भी नहीं होगी, जैसी हेमा जी ने करने की कोशिश की हैं. मतलब आप जब चाहो तब किसी भी राज्य पर राज कर सकती हो, मैडम आप हिरोइन अच्छी थी तो पोलिटिशन तो अच्छी बनो.

Story Source: http://instory.ucnews.ucweb.com/story/2734771549172014?

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