चीन के डोकलाम से पीछे हटने की असली वजह मोदी सरकार नहीं बल्कि राहुल गाँधी है

एक कहावत सबने सुनी होगी जो आंचलिक है कि “जैसे ऊधो वैसा भान, न इनके जुन्धई न उनके कान” ऐसा ही कुछ मामला आजकल चल रहा है पूरे देश में । मोदी कहते हैं फलाना काम कर दिया हमने और अंधभक्त शुरू वाहवाही करने में । इन्होने अपनी विवेक नाम की चीज को बेच दिया है ।

भारत और चीन का डोकलाम विवाद

अभी भारत में डोकलाम विवाद को लेकर बड़ा हल्ला मच रहा है । ऐसा भी कहा जा रहा है कि मोदी की रणनीति से इसमें बहुत बड़े सुधार और अच्छे संकेत मिले है जिससे चीन और भारत में आपसी सहमती बनी है ।

सूत्रों से हवाले से ये भी खबर है कि दोनों ही देश उस सीमा से अपनी अपनी सेना को पीछे हटा रहे हैं । कुछ महीनों से इस सीमा पर बड़ा विवाद मचा हुआ था । यहाँ तक की चीन से युद्ध के भी पूरे आसार बन रहे थे लेकिन ये जो समझौता हुआ है ये काफी अहम् है ।

इस समझौते के मामले में भारत के विदेश मंत्रालय ने बताते हुए कहा कि “हाल के हफ़्तों में डोकलाम को लेकर भारत और चीन ने कूटनीतिक बातचीत जारी  रखी है। इस बातचीत में हमने एक दुसरे की चिन्ताओ और हितों पर बात की । इस आधार पर डोकलाम पर जारी विवाद को लेकर हमने सीमा पर सेना हटाने का फैसला किया है और  इस पर कार्यवाही शुरू हो गयी है  ”

चीन के विदेश मंत्रालय ने दी है ये प्रतिक्रिया

चीन के विदेश मंत्रालय ने इस बावत अपनी राय और सूचना रखते हुए कहा कि “भारत सीमा पार करने अपने सैनिकों और मशीनों को हटाएगा और चीन ऐतिहासिक सीमा समझौते के तहत अपने संप्रभू अधिकारों का इस्तेमाल करता रहेगा”

खैर बात हम आर्टिकल में जो करने वाले हैं वो ये है कि भारत के लोग इस कदम को मोदी सरकार की कूटनीतिक जीत की तरह देख रहे हैं जबकि मामला इसके बिलकुल उलट है ।

क्या है असली मामला

लिजा रे ने इस मामले से पर्दा हटाते हुए असल बात सामने रखी है और कहा कि सूत्रों के हवाले से उन्हें पता चला हिया कि राहुल गाँधी नोर्वे नहीं गये थे बल्कि चीन एक सीक्रेट मिशन पर गये थे और राहुल गाँधी को ही चीन को पीछे हटने के लिए मजबूर करने का क्रेडिट जाता है । वहीँ विकास नाम के शख्स इस कदम को नमो नीति करार देते है और लिखते हैं कि चीन का ये कदम दुनियाभर के नेताओ के लिए एक सबक है ।

ये लोग दूसरों के हर काम को अपने नाम से क्रेडिट करने में कभी पीछे नहीं रहते फिर वो चाहे ये डोकलाम का मामला हो या फिर मनमोहन सिंह द्वारा बनायीं योजनाओ को अपने नाम से चलाकर वाहवाही लूटना हो ।

इस मामले में सभी मोदी की तारीफ करते हुए कसीदे पढ़ रहे हैं लेकिन असली हीरो इस काम के लिए राहुल गाँधी ही है ।

देखिये डोकलाम विवाद का वीडियो

देखिये वीडियो:-

 

Source – http://teesrijungnews.com/2017/08/

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