भाजपा नीतियों से नाराज होकर छह बीजेपी बाहुबली नेताओं ने थामा कांग्रेस का दामन, ये महिला नेता भी है शामिल

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इन दिनों राजनीति की जो तस्वीर हैं उसकों देखें तो ऐसा लगता हैं कि जहाँ एक तरफ सपा, बसपा, और कांग्रेस के नेता बीजेपी को सत्ता में देखते हुए उसका दामन थाम रहे हैं तो इस बीच एक चौकाने वाली खबर आने से बीजेपी में हडकंप मच गया है.

बीजेपी को मिला बड़ा झटका

दरअसल, खबर हैं कि भाजपा के करीब आधा दर्जन नेताओं ने बीते शनिवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया है.

इतना ही नहीं बीजेपी के 6 नेताओं के साथ उनके सैकड़ों समर्थकों ने भी कांग्रेस में आस्था व्यक्त करते हुए बीजेपी को झटका दे दिया है.

बताया जा रहा है कि कांग्रेस के साथ आने वाले नेताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि,

“सरकार ने अबतक अपने वादे को अमल में लाने का कोई प्रयास नहीं किया.”

इसके अलावा कांग्रेस ज्वाइन करते हुए भाजपाइयों ने ये भी कहा कि,

“सरकार ने किसानों के कर्जमाफी के लिए अभी तक कुछ नहीं किया. सरकार प्रदेश को पुरातन व्यवस्था की तरफ धकेल रही है.”

बीजेपी के अलावा पीस पार्टी के नेताओं ने भी ज्वाइन की कांग्रेस

पहले गोरखपुर और फूलपुर उपचुनावों में बीजेपी को मिली करारी हार और अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कांग्रेस कार्यालय से बीते शनिवार को भाजपा के लिए एक बेहद बुरी खबर सुनने को मिली.

बताया जा रहा है कि शनिवार को बाराबंकी जिले की रामनगर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व बीजेपी विधायक राजलक्ष्मी वर्मा ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस का दामन थामते हुए बीजेपी की नींद उड़ा दी.

इतना ही नहीं राजलक्ष्मी वर्मा के अलावा पूर्व आइएएस अफसर अनीस अंसारी, डॉ अब्दुल हफीज, डॉ वशी अहमद आजम अंसारी, प्रो मसूद आलम’ इंजीनियर वली उल्लाह, कर्नल डॉ जाहिद हुसैन निदेशक एक्सिस यूनिवर्सिटी, मो. खालिद एवं डॉ मंजूर अली प्रो. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय लखनऊ ने भी कांग्रेस की सदस्यता अपनाई.

बता दें कि यह सभी नेता पीस पार्टी को छोड़कर कांग्रेस में आए हैं.

इन सभी नेताओं को कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य पी एल पुनिया व मोहन शुक्ला ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई.

योगी सरकार से खुश नही हैं बीजेपी के कार्यकर्ता 

योगी सरकार से नाराज़ है कई भाजपाई नेता

बीजेपी की पूर्व विधायक राजलक्ष्मी वर्मा ने बीजेपी पार्टी से इस्तीफा देते हुए मीडिया को इसके पीछे का कारण बताया.

इस दौरान उन्होंने कहा कि,

“हम लोगों ने प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनाने के लिए काफी मेहनत की, प्रदेश में सरकार पूर्ण बहुमत बनी लेकिन प्रदेश का हाल जस का तस है.

इसके साथ ही राजलक्ष्मी वर्मा ने योगी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि,

“योगी राज के कर्मभूमि व संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में पहले मासूमों की मौत और अब उपचुनावों में हार से योगी के कार्यो की पोल खुल गई है. बीजेपी ने जो वादे जनता से किए थे पार्टी अब उनसे भटक रही है. ऐसे में देश में सांप्रदायिकता की सोच के विरूद्व व कांग्रेस की नीतियों से प्रेरित होकर मैंने पार्टी ज्वाइन की है.”

निष्कर्ष

लोगों को आ रही है कांग्रेस की याद

जिन मुद्दों को आधार बनाकर बीजेपी सत्ता में आई अब जब पार्टी वो सभी वायदे भूल चली हैं तो उसके चलते न केवल देश की जनता का बीजेपी को लेकर मोह भंग हो गया है बल्कि खुद भाजपाई नेता भी बीजेपी का साथ छोड़ते दिख रहे है.


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