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साल 2019 देश की राजनीति के लिए एक अहम साल होने वाला है, इस साल देश की जनता एक बार तय करेगी की केंद्र में बीजेपी की सरकार बनेगी या कांग्रेस की। साल 2014 में तो बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने देश की भोली-भाली जनता का भरोसा अपने झूठे सच्चे वादों से हासिल कर लिया था।

लेकिन इस बार ऐसा हो पाना नामुमकिन है क्यूंकि अब जनता के बीच बीजेपी की सच्चाई जाहिर हो चुकी है। देश के ज्यादातर राज्यों में बीजेपी की सरकार बनी हुई है।

इस बार यूपी में नहीं चलेगा योगी का सिक्का

जिनमें से एक है उत्तरप्रदेश। यहाँ पर इस वक़्त योगी आदित्यनाथ की सरकार है। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य में बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी।

बात करें साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव की तो, उस दौरान 80 में 71 सीटों पर जीत मिली थी। जबकि इंडियन नेशनल कांग्रेस (आईएनसी) को सिर्फ २ सीट मिली थी, समाजवादी पार्टी (एसपी) को 5 और अपना दल (एडी) को 2 सीटें मिली थीं।

लेकिन अबकी बार उत्तर प्रदेश की जनता पर मोदी मैजिक नहीं चलने वाला। देखा जाए तो उत्तर प्रदेश 80 लोकसभा सीटों वाला देश का सबसे बड़ा राज्य हैं और यहाँ की राजनीति का असर पूरे देश पर पड़ता है।

बीजेपी राज में यूपी में खराब हुआ साम्प्रादायिक माहौल

उत्तरप्रदेश में इस बार बीजेपी के जीतने के आसार नाममात्र ही रह गए हैं, जिसके पीछे की वजह खुद बीजेपी ही है। माना जा रहा है की साल 2014 में बीजेपी जिस तरह से शानदार जीत हासिल की थी अब उसी तरह से बुरी हार का सामना करना पड़े।  राज्य में लोग बीजेपी से काफी परेशान हैं।

 

उनका कहना है की बीजेपी चुनाव में जिस तरह से जनता के अधिकारों की बात करती थी, वह सब सत्ता हासिल करने के बाद भूल गई है, राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही साम्प्रादायिक माहौल खराब हुआ है।

यूपी उपचुनाव में विपक्षी एकता ने बीजेपी की बजाई बैंड

राज्य में आम आदमी अब योगी सरकार से पूरी तरह से परेशान हो गया है। जिससे अब बीजेपी को उत्तेर प्रदेश में ज्यादा सीटों से हार का सामना करना होगा। इसका उदारहण हमें हाल ही में हुए यूपी उपचुनाव में देखने को मिला है। जहाँ पर सपा और बसपा ने एक साथ आकर बीजेपी को करारी शिकस्त दी थी।

इस उपचुनाव को लोकसभा चुनाव के साथ जोड़कर देखा जा सकता है। क्यूंकि ये सीटें बीजेपी के लिए काफी अहम मानी जा रही थी। जहाँ पर जनता ने बीजेपी को नकार दिया है। विपक्ष का एक साथ आना बीजेपी पर भारी पड़ गया है

निष्कर्ष:

साल 2014 में भोली भाली जनता ने जिस तरह मोदी को भगवान मान लिया था, इस बार बिलकुल उल्ट आसार बन रहे हैं। जनता को अब दोगली बीजेपी का असली चेहरा समझ आ चुका है, अब बीजेपी को बहुमत मिलने के आसार तो लगभग खत्म हो चुके हैं।

Story Source: http://viralinindia.net/bjp/2019-ke-chunav/50110/

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