हिंदूत्व की राजनीति करने वाली भाजपा ने भगवान के नाम पर ही कर दिया इतना बड़ा घोटाला

भारतीय जनता पार्टी ने शुरु से ही अपनी राजनीति के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल हिंदूत्व का किया है। लेकिन हिंदुत्व का नारा लगाकर धर्म की राजनीति करने वाली इसी भाजपा ने अब भगवान को भी नहीं बख्शा है। भगवान के नाम सत्ता में आना तक तो भाजपा की रणनीति रही है लेकिन अब भगवान के नाम पर भ्रष्टाचार भी भारतीय जनता पार्टी ने शुरु कर दिया है।

पिछले साल हुए एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा द्वारा किया गया एक बड़ा घोटाला अब जाकर लोगों के सामने आया है। यह घोटाला तब किया गया था जब भाजपा ने हरियाणा में गीता जयंती महोत्सव मनाया था। इस घोटाले का खुलासा एक आरटीआई रिपोर्ट के जरिए हुआ है।

साल 2017 में हरियाणा प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा गीता जयंती का कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम से मनाया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान हुए खर्चे को लेकर विपक्षी दल पहले से ही भाजपा सरकार पर फिजूल खर्ची का आरोप लगा रहे थे। वहीं इनेलो की ओर से लगाई गई आरटीआई में खुलासा हुआ है कि गीता जयंती में एक गीता की कीमत लगभग 38,000 रूपये है। आरटीआई में हुए इस खुलासे से राजनीति का बाजार पूरी तरह से गर्मा गया है।

भाजपा सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप के दावों को विपक्षियों ने और मजबूत कर लिया है वहीं भाजपा सरकार इस खर्चे को मामूली बता रही है। इनेलो द्वारा लगाई गई इस आरटीआई की रिपोर्ट में गीता जयंती में हुए सभी खर्चों की जानकारी दिखाई गई। रिपोर्ट के अनुसार, तनवी स्टेशनरी से गीता की 10 पुस्तकों का मूल्य 3,79,500 रूपये दिखाया गया है, जिसमें एक गीता पुस्तक का मूल्य 37,950 रूपये होता है।

कल्चरल प्रोग्राम पर करोड़ों रूपये खर्च

रिपोर्ट के अनुसार, गीता जयंती में हुए खर्चों में कल्चरल प्रोग्रामों पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया गया है। आंकड़े में करीब 20 कल्चरल प्रोग्राम पर लगभग 4 करोड़, 61 हजार रूपये खर्च किए गए हैं। अन्य प्रोग्रामों में खर्च की जानकारी अभी प्राप्त नहीं हुई है।

इन प्रोग्रामों में सबसे बड़ी राशि 15 लाख नाट्य विहार कला केंद्र को दी गई है, जिसकी कलाकार हेमा मालिनी थी। दूसरी टीम कला मंच सफीदों (जींद) की थी इस टीम के नाम भी 10 लाख रूपये दिखाए गए हैं, एक और प्रोग्राम टीम को 10 लाख की राशि दी गई जो कि मनोज तिवारी के नाम से थी। गीता जयंती के दौरान इन्विटेशन कार्डों का खर्च 54,299 रूपये दिखाया गया है। वहीं इस कार्यक्रम में विजिटरों का इंश्योरेंस भी किया गया है

बच्चों को 25 लाख का रिफ्रेशमेंट

इस कार्यक्रम में विजिटरों का इंश्योरेंस भी किया गया था। इस इंश्योरेंस के लिए करीब 5 लाख 90 हजार रूपये खर्च किए गए हैं, जो कि यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा करवाया गया था। गीता के श्लोकोच्चारण में बुलाए गए 18000 स्कूली बच्चों के रिफ्रेशमेंट के लिए 25 लाख रूपये का खर्च दिखाया गया है। वहीं मैराथन रेस में इनाम बांटने के लिए खर्च की राशि 6 लाख 90 हजार रूपये प्रदर्शित की गई है। कुरूक्षेत्र के पंचायती राज को भी 15 लाख रूपये अदा किए गए हैं।

source;https://politicalherald.in/368/bjp-did-scam-on-bhagwat-geeta-price/

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