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अब तक तो भारतीय जनता पार्टी के नेता सिर्फ मुसलमान धर्म पर ही अपने मुंह से जहर उगला करते थे और विवादित बयान दिया करते थे। लेकिन अब तो इनकी हिम्मत ज्यादा बड़ गई है। और भाजपा के नेताओं ने अब देश की शान कहे जाने वाली आर्मी पर बयानबाजी करनी शुरु कर दी है।

उत्तर प्रदेश के रामपुर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद नेपाल सिंह की तरफ से जवानों की शहादत पर दिए गए बयान से एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल नेपाल सिंह ने कहा है कि सेना में जवान तो रोज ही मरेंगे। सांसद जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में जान गंवाने वाले जवानों पर अपना बयान दे रहे थे।

सेना पर दिया विवादित बयान

नेपाल सिंह ने अपनी बात में यहीं लगाम नहीं लगाई बल्कि उन्होंने उन्टा सवाल पूछते हुए कहा कि ऐसा कोई देश है जहां सेना का जवान नहीं मरता हो, यहां तक कि गांव में झगड़ा हो जाता है, लट्ठबाजी हो जाती है, तो भी कोई न कोई घायल होता ही है। उन्होंने सवाल पूछने वाले पत्रकार से भी कहा कि कोई ऐसी दवाई या डिवाइस बताओ जिससे आदमी न मरे, अगर हो तो उसे भी लागू करवा दें।

बाद में मांगी माफी

नेपाल सिंह के इसस बयान से भारतीय जनता पार्टी की असलियत सामने आ जाने के बाद और जब जनता में इस बयान से आक्रोश और विवाद बढ़ने लगा तो नेपाल सिंह ने अपने बयान पर खेद जताते हुए माफी भी मांग ली है।

उन्होंने अपनी सफाई देते हुए कहा कि मैंने सेना के अपमान की बात नहीं की, मुझे दुख हैं लेकिन मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा फिर भी माफी मांगता हूं। उन्होंने ये भी कहा कि वो वैज्ञानिक आधार पर किसी ऐसी डिवाइस की बात कर रहे थे जिसके जरिए सिपाही को सुरक्षा दी जा सके।

गृहमंत्री दे चुके है बयान

आपको बता दें कि कुछ वक्त पहले ही गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जवानों की शहादत पर बयान देते हुए कहा था कि हमारे जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। राजनाथ सिंह आईटीबीपी के मातली शिविर में सेना के जवानों के साथ नया साल मनाने के लिए पहुंचे थे। राजनाथ ने नए साल की सुबह पुलवामा में आतंकियों और सेना के बीच हुई मुठभेड़ पर कड़ी नाराजगी जताते हुए CRPF कैंप पर हुए हमले को कायराना हरकत बताया था।

आपको बता दें कि सीआरपीएफ के ट्रेनिंग कैंप पर जैश-ए-मोहम्मद के कुछ आतंकियों ने हमला कर दिया था। जिसमें भारतीय सेना के 5 जवान शहीद हो गए थे जबकि करीब 36 घंटे तक चले इस ऑपरेशन के बाद तीनों हमलावर आतंकवादियों को मार गिराया गया था। तो वहीं पिथले साल जम्मू कश्मीर में आंतकी हमलों और सीजफायर उल्लंघन के मामलों में इजाफा हुआ है, जिसमें कई जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

source;http://buzzy-feed.com/controversila-statement-on-army/

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