Video: जब एक दुसरे के आमने सामने आ गए ‘राहुल गांधी’ और ‘अमित शाह’ तो हुआ कुछ ऐसा

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सत्तारूढ़ बीजेपी और सबसे मजबूत विपक्ष में तनातनी का दौर यूँ तो दोनों ही पार्टियों के भाषणों में साफ़ देखा जाता रहा है. लेकिन लोग उस वक्त हैरान रह गये जब दोनों ही पार्टियों के अध्यक्ष का आमना-सामना हुआ.

अमित शाह और राहुल गांधी का जब हुआ आमना-सामना

जी हाँ कांग्रेस और बीजेपी के बीच के मदभेदों का असर अब दोनों दलों के दिग्गज नेताओं के व्यवहार में भी दिखने लगा है. इसी का सबूत देते हाल ही में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी संसद भवन के गेट नंबर-4 पर आमने-सामने टकराए तो बाते बनना लाज़मी था.

बिना किसी नमस्कार के चलते बने दोनों ही नेता 

खबर है कि एक दुसरे से आमना-सामना होने पर दोनों ही नेता बिना किसी औपचारिक टोक या नमस्कार के ही अनजान बने अपने-अपने रास्ते चल पड़े. इस दौरान का एक वीडियो भी इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

मुलाक़ात का वीडियो हुआ वायरल

वायरल वीडियो में दोनों बड़ी पार्टी के प्रमुख एक-दूसरे के बगल से बिना सिर उठाए और आँखे मिलाए गुजरते दिखाई दे रहे हैं. दोनों इस तरह गुजरे कि मानो उन्हें एक-दूसरे के होने का एहसास ही नहीं था.

देखिये वीडियो:-

दोनों ही पार्टी एक दुसरें पर लगाती दिखती है आरोप

जानकारी के लिए बता दें कि दोनों ही पार्टी बीजेपी और कांग्रेस के बीच अलग-अलग मसलों को लेकर एक लम्बे अरसे से लगातार तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है. जहाँ कांग्रेस इन दिनों पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी के देश छोड़ने को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार हमलावर है तो वहीं बीजेपी भी कांग्रेस पर पलटवार करने का कोई मौका छोडती नहीं दिख रही है.

वीडियो पर लोग दे रहे हैं प्रतिक्रिया

गौरतलब है कि इन दिनों संसद का बजट सत्र चल रहा है जिसके दौरान ही दोनों नेताओं का आमना-सामना हुआ था और अब इसको लेकर सोशल मीडिया पर देशभर से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. डॉ. वीएन झा ने दोनों की इस मुलाक़ात पर ट्वीट करते हुए लिखा कि..

“राहुल गांधी का शिष्टाचार और विनीत भाव कहां गया जिसका दावा उन्होंने मलेशिया में किया था? यहां तक कि वरिष्ठ सांसद से नमस्कार भी नहीं किया?”

इसके साथ ही एक दुसरे हर्ष नाम के यूजर ने लिखा कि

“ये लोग आडवाणी जी को नजरअंदाज कर देते हैं तो राहुल क्या चीज है?”

सौरभ नाम के एक अन्य यूजर ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा..

“सबसे ज्यादा चुनाव जीतने वाला बनाम सबसे ज्यादा चुनाव हारने वाला.”

पहले भी हुआ था कुछ ऐसा ही

अगर याद हो तो त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब के शपथग्रहण समारोह के दौरान भी ठीक ऐसा ही एक वीडियो सामने आया था. जिसमें फर्क बस इतना था कि राहुल गांधी और अमित शाह की जगह उस समारोह मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी मौजूद थे.

पीएम मोदी ने आडवाणी को किया था नज़रअंदाज

इसी दौरान पीएम मोदी ने मंच पर मौजूद पार्टी के कई नेताओं से मुलाकात की जिसमें मंच पर उपस्थित बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम का हाथ जोड़कर अभिवादन करते नज़र आए थे. वहीं राजनाथ के बगल में आडवाणी भी बैठे थे, लेकिन पीएम मोदी ने उनका अभिवादन न स्वीकार करते हुए उन्हें नज़रअंदाज करते आगे निकल गये थे.

देखिये वीडियो:-

सबसे मिले लेकिन आडवाणी से नहीं मिले थे मोदी

इसके साथ ही उस समारोह में मोदी आडवाणी के बगल में बैठे त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार से न केवल हाथ मिलाते बल्कि गर्मजोशी से बात करते भी दिखे थे. पीएम ने बीजेपी के एक अन्य वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी से भी मुलाकात की थी लेकिन पार्टी के वरिष्ट लालकृष्ण आडवाणी को अनदेखा कर लोगों को बाते बनाने का मौका दे दिया था.

 


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