देखिये कैसे गुजरात में लोगो ने अमित शाह के विरोध में तोड़ी कुर्सिया !

गुजरात में इस वक़्त पाटीदारो के समूह ने नरेन्द्र मोदी की जड़े हिलाकर रख दी है जिसके चलते अमित शाह को बीच में ही भाषण छोड़ भागना पड़ा | गुजरात में जिन लोगो ने आन्दोलन को खड़ा किया है उनकी मांग है आरक्षण | क्योंकि देश का युवा आज ग्रेजुएट होने के बावजूद भी बेरोज़गारी से जूझ रहा है |

तो हुआ यू की अमित शाह अब्रामा के पी.पी.सवाणी विद्या संकुल में पाटीदार सम्मान समारोह में पहुचे थे जहा हार्दिक पटेल समर्थको ने नारिबाज़ी करनी शुरू कर दी थी |

अमित शाह को हुई कुछ इस तरह से परेशानी

सभा के दौरान हार्दिक समर्थकों ने पहनी टोपियां और कुर्सियां उछालकर विरोध दर्ज किया। विरोध का आलम ये था कि अमित शाह सिर्फ चंद मिनटों में अपना भाषण खत्म कर रवाना हो गए।

लोगो का गुस्सा और हंगामे ने भाजपा अध्यक्ष को चुप होने पर मजबूर दिया जिसके कारण उन्होंने अपना भाषण महज ढाई मिनिट में ही खत्म कर दिया। भाजपा की केसरिया टोपी पहनकर सभा खंड में पहुंचे हार्दिक समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

जो भाषण अमित शाह लम्बे अंतराल में देने वाले थे उसे उन्हें केवेल ढाई मिनट में ही खत्म करना पड़ा | भाषण के दौरान अमित गुस्साए पाटीदारो को समझाने की बहुत कोशिश करते है, वे कहते है ‘गुजरात और भाजपा का विकास पाटीदार समाज से जुड़ा हुआ है।’ और उसी दौरान पाटीदार अनामत आंदोलन समिति का एक कार्यकर्ता मंच की तरफ आकर शाह के खिलाफ नारे लगाना शुरू करता है |

आनन फानन में करना पड़ा सबका सम्मान

हास्यस्पद तो यह रहा की सूरत में आयोजित सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंन्द्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, मनसुख मांडविया, प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी के अलावा राज्य सरकार के आठ मंत्रियों और 40 विधायकों का सम्मान होना था, लेकिन विरोध के चलते आनन फानन में सबका सम्मान करना पड़ा |

चूंकि पाटीदार आन्दोलन के सदस्य भाजपा की केसरिया रंग की टोपी पहने आये थे जिससे पुलिस को भी उन्हें पकड़ने में काफी परेशानी हुई | पाटीदार आन्दोलन हार्दिक पटेल की अगुवाई में शुरू हुआ था जो आज केंद्र के लिए बहुत बड़ी समस्या बन गया है |

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