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अखिलेश ने कर दिखाया वो काम जिसका बस वादा ही करते रहे प्रधानमंत्री

वायरल इन इंडिया संवाददाता -
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अक्सर बीजेपी की तरफ से ऐसा कहा जाता है कि उनके उम्मीदवार अपराध मुक्त होंगे। लेकिन ये जुमले कभी पूरे होते नहीं दिखे हैंं। पीएम मोदी बहुत बार कह चुके है कि वो संसद को अपराधी मुक्त करना चाहते हैं मगर लगभग 4 साल में उनकी और उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी की तरफ से इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।

जिससे कहा जाए कि पीएम मोदी और भारतीय जनता पार्टी संसद को अपराधियों से मुक्त कराना चाहती है। जबकि उत्तर प्रदेश में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पर ऐसे लोगों को बिठा दिया जिन पर कई मुकदमें दर्ज है।

सरकार का काम अब अखिलेश करेंगे

लेकिन जो काम भाजपा सरकार को बहुत पहले कर लेना चाहिए था उसमें अब कदम उठाया है उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने। अखिलेश यादव ने एक ठोस कदम उठाया है जिससे संसद को अपराधियों से मुक्ति मिल सकती है।

2019 में होगी अपराधी मुक्त संसद

आपको बता दें कि सभी राजनीतिक दल अभी से 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए जुट गए हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए टिकट के दावेदारों से आवेदन मांगे हैं। जिसके लिए पार्टी ने बकायदा विज्ञापन जारी किया है। आपको बता दें कि आवेदन की आखिरी तारीख 31 जनवरी रखी गई है।

समाजवादी पार्टी की तरफ से जारी किए गए इस विज्ञप्ति में उन नेताओं को टिकट के दावेदारों में शामिल नहीं करने की बात कही गई हैं जिनपर सिर्फ धरना प्रदर्शन छोड़कर कोई भी आपराधिक मुकदमा चल रहा हो।

गौरतलब है कि फिलहाल पीएम मोदी तो संसद को साफ करने का काम नहीं कर पाए लेकिन इस दिशा में अखिलेश यादव ने पहल जरूर की है। गौरतलब है कि 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी अखिलेश यादव ने आपराधिक मामले वाले नेताओं से किनारा जरूर किया था। ऐसा ही कुछ पहले भी 2012 में भी देखने को मिला था।

2012 में तो अखिलेश को इस बात का फायदा जरूर मिला था लेकिन 2017 में उन्हें इस दांव का फायदा नहीं मिल पाया था। अब देखना दिलचस्प होगा कि साल 2019 में अखिलेश को स्वच्छ संसद अभियान का कितना फायदा मिलता है।

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