लालू यादव और अरविन्द केजरीवाल की इस तस्वीर पे मोदी ने दिया गिरा हुआ बयान, देश कर रहा थू थू

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने एक बयान दिया है जिसमें उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे का साथ छोड़ कर जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने और पटना आकर लालू प्रसाद से गले मिले, तभी साफ हो गया था कि वे सत्ता का दुरुपयोग कर पैसे बनाने वाले हैं। आम आदमी पार्टी ने दो खास आदमियों को राज्यसभा का टिकट देकर असली चेहरा उजागर कर दिया।

सुशील मोदी की इस टिप्पणी से एक सवाल ये जहन में आता है कि क्या जब प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से गले मिलते हैं तो उसमें मोदी सरकार का कौनसा चेहरा उजागर हो कर सामने आता है। वहीं जब राज्यसभा सांसद के तौर पर हरियाणा से भारतीय जनता पार्टी एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा को राज्यसभा का सदस्य बना कर भेजती है तो सुशील मोदी ने अपने मुंह पर टेप क्यों लगा ली थी।

सुभाष चंद्रा को राज्यसभा भेजने से पार्टी के दो मकसद सिद्ध होते थे एक तो सुभाष चंद्रा जाने माने बिजनेसमैन हैं तो वहीं मीडिया को भी तो भाजपा अपने हाथ में लेना चाहती थी।

लेकिन अब ऐसे में जब आम आदमी पार्टी के संयोजक जो कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज उठा कर और अपनी पार्टी में भी शामिल हुए भ्रष्ट्राचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने से एक बार नहीं चूकते हैं उन पर सवाल उठा कर भाजपा के सुशील मोदी ने अपनी राजनीति का परिचय दे दिया है।

मोदी ने वहीं एक और ट्वीट कर आरक्षण को लेकर आरजेडी पर निशाना साधा है। मोदी ने कहा है कि तेजस्वी जब क्रिकेटर बनना चाहते थे। तब उनके माता-पिता के राज में दलितों पर अत्याचार और नरसंहार की घटनाएं हो रही थीं। लालू प्रसाद ने पंचायत और निकाय में आरक्षण लागू किये बिना ही चुनाव करवा दिए थे, जिससे हजारों दलित मुखिया नहीं बन पाये थे।

2017 में भाजपा ने जब दलित समाज के व्यक्ति को राष्ट्रपति बनाने की पहल की, तब राजद ने दलित के खिलाफ दलित को उतारने की राजनीति की। जिस दल में सभी शीर्ष पद एक परिवार के लिए आरक्षित हैं, वे दलितों को क्या दे पाएंगे?

 

परिवारवाद का आरोप लगाने वाले मोदी अपनी पुरानी राजनीति को क्यों हर बार भूल जाते हैं। किस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीति करने के लिए धर्म के आधार पर देश को बांट दिया था। जिसके जख्म आज तक नहीं भरे हैं। चाहे वो गुजरात दंगे हो या फिर देश में जितने भी दंगे हो जिसमें हिंदू और मुसलमान का नरसंहार हुआ था। उसमें भाजपा कितनी दोषी है इसका जवाब किसी को देने की आवश्यकता नहीं है।

मोदी आरोप लगाते हैं कि विपक्ष कट्टरपंथियों के वोट के लिए राज्यसभा में तीन तलाक बिल को रोकना चाहती है। तो वहीं भाजपा कब से हिंदू- मुसलमान में कट्टरपंथ को पैदा कर अपनी रोटियां सेंकती है। ये तथ्यों में साबित है।

जब मुसलमान को हिंदूसे लड़ाने वाली भाजपा आज तीन तलाक और मुसलमानों के लिए इतना नर्म बन कर अपनी राजनीति ही तो कर रही है।

अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट में छोड़े

Taran

यह खबर वायरल इन इंडिया के वरिष्ट पत्रकार के द्वारा लिखी गयी है| खबर में कोई त्रुटी होने पर हमें मेल के द्वारा संपर्क करें- [email protected]आप हमें इस फॉर्म से भी संपर्क कर सकते हैं, 2 घंटे में रिप्लाई दिया जायेगा |

Close