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आप ने दिया कुमार विश्वास को बड़ा झटका, राज्‍य सभा का नहीं…..

वायरल इन इंडिया संवाददाता -
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दिल्ली की सत्ता में पहली बार काबिज हुई आम आदमी पार्टी ने अपनी पार्टी की तरफ से पहली बार राज्यसभा में भेजे जाने वाले अपने तीनों उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए है। आपको बता दें कि राज्यसभा में दिल्ली सरकार की तरफ से तीन सांसद भेजे जा सकते हैं। सुबह से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास पर चल रही पीएसी की बैठक में संजय सिंह, नवीन गुप्ता और सुशील गुप्ता के नामों पर सहमति बन गई है।

इसके लिए सुबह दिल्ली के मुख्यमंत्री के वसुंधरा स्थित घर पर बैठक हुई जिसमें राज्यसभा भेजे जाने वाले तीनों नामों पर आखिरी मुहर लगाई गई। आम आदमी पार्टी की 8 सदस्यों वाली पीएसी को आज अपने उम्मीदवारों के नामों पर आखिरी फैसला लेना था। लेकिन बीते कुछ वक्त मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया दोनों दिल्ली से बाहर थे। अब ये दोनों नेता वापिस आ गए हैं, इनके वापिस आ जाने के बाद ही आज ये बैठक होनी थी।

उम्मीदवारों को लेकर थी अटकलें

बीते 29 दिसंबर को अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही चुनावी प्रक्रिया तो शुरू हो गयी थी। लेकिन आम आदमी पार्टी ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले थे। उत्तर प्रदेश के प्रभारी और पार्टी के कद्दावर नेता संजय सिंह का राज्यसभा जाना पहले से ही तय माना जा रहा था और पार्टी में उनके नाम पर काफी पहले से ही सहमति बन गई थी।

जबकि बाकी दोनों नामों पर काफी वक्त से अटकलें लगी हुई थी। इनमें कुमार विश्वास और आशुतोष का नाम भी काफी तूल पकड़ रहा था। लेकिन पार्टी ने इन दोनों की जगह अन्य उम्मीदवारों को चुना है। इन दोनों उम्मीदवारों में चार्टर्ड अकाउंटेंट नवीन गुप्ता और कारोबारी सुशील गुप्ता का नाम फाइनल हो गया है।

कुमार से किया किनारा

संसद के उच्च सदन में उम्मीदवारी की दावेदारी के लिए आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक कुमार विश्वास के बगावती सुरों को देखते हुए पार्टी के नेताओं ने ये सोची समझी रणनीति के तहत उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किये थे। आपको बता दें कि 5 जनवरी को राज्यसभा के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख तय की गई है।

विशेषज्ञ को भेजने की पक्षधर

पार्टी की शुरु से ही ये राय रही है कि पार्टी की तरफ से किसी नेता की जगह किसी एक क्षेत्र के विशेषज्ञ को राज्यसभा में भेजा जाए। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से भी इस विषय में बात की थी लेकिन उन्होंने पार्टी का ये प्रस्ताव ठुकरा दिया था। विशेषज्ञ को राज्यसभा में भेजने के पीछे पार्टी के नेताओं का कहना हैं कि पार्टी तीन सदस्यों के जरिए राज्यसभा में अपनी राय रखना चाहती है और इसके लिए उसे विशेषज्ञों की ही जरूरत है जिसकी बात सब सुनें और उसपर गौर करें।

आपको बता दें कि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 66 सीटों पर आम आदमी पार्टी का ही कब्जा है, ऐसे में तीनों उम्मीदवारों को चुने जाने में किसी तरह की समस्या नहीं होगी।

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